शक्तिपीठ
अम्बुबाची मेला २०२६: कामाख्या मंदिर का सबसे बड़...
असम की रहस्यमयी नीलाचल पहाड़ियों के शिखर पर स्थित माँ कामाख्या मंदिर शाक्त परंपरा का एक प्रमुख केंद्र है। 'कालिका पुराण' जैसे प्राचीन धर्मग्रंथों में 51 शक्तिपीठों में इसे सर्वाधिक...
अम्बुबाची मेला २०२६: कामाख्या मंदिर का सबसे बड़...
असम की रहस्यमयी नीलाचल पहाड़ियों के शिखर पर स्थित माँ कामाख्या मंदिर शाक्त परंपरा का एक प्रमुख केंद्र है। 'कालिका पुराण' जैसे प्राचीन धर्मग्रंथों में 51 शक्तिपीठों में इसे सर्वाधिक...
भारत के बाहर स्थित शक्तिपीठ : नेपाल, तिब्बत, बा...
'ॐ विश्वरूपिण्यै नमः।' यह माँ ललिता त्रिपुरा सुंदरी के सहस्र नामों में से एक है, जिसका उल्लेख ललिता सहस्रनाम में मिलता है। 'विश्वरूपिणी' के रूप में वे वही हैं, जिनका...
भारत के बाहर स्थित शक्तिपीठ : नेपाल, तिब्बत, बा...
'ॐ विश्वरूपिण्यै नमः।' यह माँ ललिता त्रिपुरा सुंदरी के सहस्र नामों में से एक है, जिसका उल्लेख ललिता सहस्रनाम में मिलता है। 'विश्वरूपिणी' के रूप में वे वही हैं, जिनका...
भारत के प्रमुख शक्तिपीठों की आध्यात्मिक यात्रा
शक्ति का सबसे सरल अर्थ है — सामर्थ्य। वैदिक साहित्य में यह शब्द संस्कृत धातु "शक्" से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है सक्षम होना अथवा किसी कार्य को करने...
भारत के प्रमुख शक्तिपीठों की आध्यात्मिक यात्रा
शक्ति का सबसे सरल अर्थ है — सामर्थ्य। वैदिक साहित्य में यह शब्द संस्कृत धातु "शक्" से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है सक्षम होना अथवा किसी कार्य को करने...
पश्चिम बंगाल में स्थित प्रमुख शक्तिपीठ कौन-कौन ...
भारतवर्ष के अलग-अलग कोनों में भिन्न-भिन्न शक्तिपीठ स्थित हैं। ये पावन स्थल भारतभूमि को बहुमूल्य रत्नों की भाँति आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करते हैं। किंतु इस विशाल भू-भाग के विभिन्न...
पश्चिम बंगाल में स्थित प्रमुख शक्तिपीठ कौन-कौन ...
भारतवर्ष के अलग-अलग कोनों में भिन्न-भिन्न शक्तिपीठ स्थित हैं। ये पावन स्थल भारतभूमि को बहुमूल्य रत्नों की भाँति आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित करते हैं। किंतु इस विशाल भू-भाग के विभिन्न...
शक्तिपीठ: माँ आद्यशक्ति के शाश्वत धाम
देवी सती का एक स्वरूप माँ छिन्नमस्तिका है, जो अत्यंत उग्र और विकराल माना जाता है। अपने इस स्वरूप में उन्होंने अपना मस्तक अपने एक हाथ में धारण किया हुआ...
शक्तिपीठ: माँ आद्यशक्ति के शाश्वत धाम
देवी सती का एक स्वरूप माँ छिन्नमस्तिका है, जो अत्यंत उग्र और विकराल माना जाता है। अपने इस स्वरूप में उन्होंने अपना मस्तक अपने एक हाथ में धारण किया हुआ...
पावन शक्तिपीठ : पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥—दुर्गा सप्तशती भावार्थ - हम उस आदिशक्ति देवी माँ को प्रणाम करते हैं, जो समस्त प्राणियों में ऊर्जा और शक्ति के रूप...
पावन शक्तिपीठ : पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥—दुर्गा सप्तशती भावार्थ - हम उस आदिशक्ति देवी माँ को प्रणाम करते हैं, जो समस्त प्राणियों में ऊर्जा और शक्ति के रूप...