सामान्य
पितृ पक्ष 2026 : क्या करें, क्या न करें ?
पितृ पक्ष की इस पावन अवधि में अनुष्ठानों, परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं को लेकर मन में कई प्रश्न उठना स्वाभाविक है। पितृ पक्ष के दौरान क्या-क्या खा सकते हैं? क्या...
पितृ पक्ष 2026 : क्या करें, क्या न करें ?
पितृ पक्ष की इस पावन अवधि में अनुष्ठानों, परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं को लेकर मन में कई प्रश्न उठना स्वाभाविक है। पितृ पक्ष के दौरान क्या-क्या खा सकते हैं? क्या...
पूर्वजों के स्मरण का पर्व : पितृ पक्ष एवं श्राद्ध
हर वर्ष शरद ऋतु की चौखट पर, जब आसमान में बादल अवकाश की घोषणा करते हैं, समस्त प्रकृति चार महीनों के अथक श्रम के उपरांत थोड़ा विश्राम के लिए जा...
पूर्वजों के स्मरण का पर्व : पितृ पक्ष एवं श्राद्ध
हर वर्ष शरद ऋतु की चौखट पर, जब आसमान में बादल अवकाश की घोषणा करते हैं, समस्त प्रकृति चार महीनों के अथक श्रम के उपरांत थोड़ा विश्राम के लिए जा...
सनातन ऋषियों का स्मरण: ऋषि पंचमी का पावन महत्त्व
ऊर्ध्वरेताः तपस्योग्रो नियताशी न संशयी।शापानुग्रहयोः शक्तः सत्यसन्धो भवेदृषिः॥ ...
सनातन ऋषियों का स्मरण: ऋषि पंचमी का पावन महत्त्व
ऊर्ध्वरेताः तपस्योग्रो नियताशी न संशयी।शापानुग्रहयोः शक्तः सत्यसन्धो भवेदृषिः॥ ...
हरतालिका तीज: संकल्प से शिवत्व तक
भाद्रशुक्लतृतीयायां व्रतं वै हरितालकम्।कुर्याद्भक्त्या विधाननेन पाद्यार्घ्यर्चनापूर्वकम्॥ — नारद पुराण, पूर्वभाग-चतुर्थपाद, अध्याय 112, श्लोक 30 “भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भक्तिपूर्वक हरितालिका व्रत का पालन करना चाहिए। इस...
हरतालिका तीज: संकल्प से शिवत्व तक
भाद्रशुक्लतृतीयायां व्रतं वै हरितालकम्।कुर्याद्भक्त्या विधाननेन पाद्यार्घ्यर्चनापूर्वकम्॥ — नारद पुराण, पूर्वभाग-चतुर्थपाद, अध्याय 112, श्लोक 30 “भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भक्तिपूर्वक हरितालिका व्रत का पालन करना चाहिए। इस...
सौभाग्य और समृद्धि का पावन पर्व : वरलक्ष्मी व्र...
पद्मासने पद्मकरे सर्वलोकैकपूजिते।नारायणप्रिये देवि सुप्रीता भव सर्वदा॥ -महालक्ष्म्यष्टकम् “हे देवी! जो कमलासन पर विराजमान हैं और...
सौभाग्य और समृद्धि का पावन पर्व : वरलक्ष्मी व्र...
पद्मासने पद्मकरे सर्वलोकैकपूजिते।नारायणप्रिये देवि सुप्रीता भव सर्वदा॥ -महालक्ष्म्यष्टकम् “हे देवी! जो कमलासन पर विराजमान हैं और...
राधा अष्टमी: श्रीकृष्ण की ब्रह्मांडीय शक्ति का ...
कालिन्दज-कुल-निकुञ्ज-देशे सु-मन्दिरे सावततार राजन — गर्ग संहिता, गोलोक खंड, अध्याय 8 “हे राजन्, वे (राधा रानी) यमुना नदी के तट पर स्थित वन-कुंजों में एक सुंदर मंदिर में अवतरित...
राधा अष्टमी: श्रीकृष्ण की ब्रह्मांडीय शक्ति का ...
कालिन्दज-कुल-निकुञ्ज-देशे सु-मन्दिरे सावततार राजन — गर्ग संहिता, गोलोक खंड, अध्याय 8 “हे राजन्, वे (राधा रानी) यमुना नदी के तट पर स्थित वन-कुंजों में एक सुंदर मंदिर में अवतरित...