महाशिवरात्रि पर ओम स्वामी जी के साथ रुद्राभिषेक का अद्भुत अवसर

महाशिवरात्रि पर ओम स्वामी जी के साथ रुद्राभिषेक का अद्भुत अवसर

इस ब्लॉग पोस्ट में आपको रुद्राभिषेक से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।  

अभिषेक भगवान शिव के प्रति भक्ति एवं समर्पण का प्रतीक है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है। जब हम दूध, जल, शहद, हल्दी और अन्य सामग्री अर्पित कर भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं, तो इससे हमारा मन और चेतना भी शुद्ध होती है। अभिषेक भक्त को शुद्ध करता है और उसके जीवन से नकारात्मकता को दूर करता है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, साधना ऐप पर ओम स्वामी जी के सान्निध्य में शक्तिशाली रुद्राभिषेक करें। इस कार्यक्रम का श्री बद्रिका आश्रम से सीधा (लाइव) प्रसारण किया जाएगा।

रुद्राभिषेक विवरण  

दिनाँक:  श्री बद्रिका आश्रम से 15 फरवरी, 202ं6 को शाम 6.00 बजे (IST) से सीधा (लाइव) प्रसारण किया जाएगा। 

आवश्यक तैयारी:  

  • किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं है।
  • केवल भक्तिभाव के साथ श्री रूद्रम के मंत्रों का श्वण करें और श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का अभिषेक करें।  

रुद्राभिषेक कैसे करें 

रुद्राभिषेक आरंभ करने के लिए 15 फरवरी, 2026 को ‘त्रिशूल’ पर स्पर्श करें।

  • स्वामी जी जब बद्रिका आश्रम में श्री हरि विग्रह पर रुद्राभिषेक करेंगे तब उसका सीधा प्रसारण देखें। 
  • इसके साथ ही ऐप में शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करें। स्क्रीन पर प्रदर्शित सामग्री पर श्रद्धा और भाव के साथ स्पर्श करें। रुद्राभिषेक के दौरान कोई मौखिक निर्देश प्रदान नहीं किए जाएंगे।
  • रुद्राभिषेक के बाद संध्या आरती और स्वामी जी का प्रवचन भी होगा।

नोट: इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग आपके टाइमजो़न के अनुसार 18 फरवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी। यदि आप सीधा प्रसारण नहीं देख पाते हैं, तो इसे देखकर बाद में भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं। 

ध्यान रखने योग्य बातें

  • इस रुद्राभिषेक को करने के लिए किसी दीक्षा, अनुमति, या किसी अन्य हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
  • आठ वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति इसे कर सकता हैं।
  • यदि आप लाइव रुद्राभिषेक नहीं कर रहे हैं, तो इसके लिए आदर्श समय सूर्योदय के पश्चात या सूर्यास्त के बाद (रात्रि से पहले) का माना जाता है। वैकल्पिक रूप से, आप अपनी सुविधा अनुसार कोई भी उपयुक्त समय चुन सकते हैं।
  • शौच और स्वच्छता के नियमों का पालन करें; स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर अभिषेक करें।
  • आदर्श रूप से रुद्राभिषेक के लिए श्वेत रंग के वस्त्र धारण करना सर्वोत्तम माना जाता है, लेकिन आप किसी भी रंग के वस्त्र पहन सकते हैं।
  • अभिषेक के लिये सुखासन में बैठें। ऊन (कंबल) या कुशा (दरभा) घास के बने आसन का उपयोग करना श्रेष्ठ है।
  • अभिषेक करते समय पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करना सबसे उपयुक्त माना जाता है।
  • इस अभिषेक को करने के लिए श्री रूद्रम स्तोत्रम् सीखने की आवश्यकता नहीं है।
  • महिलाओं के लिए मासिक धर्म में भी इस अभिषेक को करने में कोई आपत्ति नहीं है।
  • अभिषेक या किसी भी अनुष्ठान को बीच में न त्यागें जब तक कोई अति आवश्यक कारण न हो।
  • वैदिक परंपरा के अनुसार एक छोटी मौद्रिक भेंट (दक्षिणा) देने की अनुशंसा की जाती है।
Thanks For Reading
If this blog added value to your spiritual journey, please share it with your loved ones. Feel free to leave a comment or tell us what spiritual topics you would like us to write about next.
Back to blog

Leave a comment

Comments (0)

No comments yet. Be the first to share your thoughts.

We are proud Sanatanis, and spreading Sanatan values and teachings, our core mission. Our aim is to bring the rich knowledge and beauty of Sanatan Dharm to every household. We are committed to presenting Vedic scriptural knowledge and practices in a simple, accessible, and engaging manner so that people can benefit and internalize them in their lives.

Presented By Team Sadhana